Monday, September 9, 2013

तुझी चाहूल..................!!!

कळेना काही तुझी चाहूल 
उठवते का मनात हूल 
भास निराळे ,जगावेगळे 
जागवते का मनात खोल !!

कोसळतात अजून धारा 
अजुनी वाहे उधाण वारा 
पाउस नाही जरी सभोती 
खेळ तरीही चाले हा सारा 

कळेना काही तुझी चाहूल 
जाते घालूनी चांदण भूल 
आकाशी नसे जरी चांदवा 
वाहे गारवा धुंद कोमल …!!

सुवर्ण रंगी दिशा भरती 
नभात भरे नक्षी बेभान 
राज हन्सांची शुभ्र कमान

जागे मनात तुझा जिव्हाळा 
स्पर्श हळवा ,नामानिराळा …।!!

उगाच सखे ,वेड मनास ,
जातो लावूनी ,तुझा हा भास । 
उगा पेटते काळीज जाळत 
मनाच्या तळात प्रेमाची आग…!!

------------------------------------------------==================== हर्षल ............................................. !!


Thursday, September 5, 2013

टीचर्स डे *********


एक क्लासिक song है.………… क्लासिक  engineering students के लिये…

आज टीचर डे है… …मोका  है हमें कुछ कहने के लिये…!!


एक टीचर क्या है ?….  कुछ पढ़ने वाला
कुछ लिखाने वाला   या स्टूडेंट्स को अपना रोंब दिखानेवाला ???

सबमिशन के दिन रुलानेवाला , और ओरल में लट कानेवाला

attendance  का डर देकर सालभर डरानेवाला ??

या होता है कोई हिटलर डिसिप्लिन  सिखानेवाला ???

फ़ोकट मेही ढेर सारी सैलरी को लेनेवाला ??

ऐसा generally आज कल
टीचर का है मन में पिक्चर
लेकिन थोडा सोचो समझो
देखो टीचर को जानकर।।।।।

देखो सारे वीमेन टीचर
घरदार  छोड़कर आते है
८ - ८ घंटे यहापर पूरा साल बीताते है.….
अपने सारे तक्लीफोंको ,
अपने घर और घरवालोंको
यहाँ आकर भूल जाते हैं। …….
उनके भी तो छोटे बच्चे
मम्मी को मिस करते होंगे। ।
उनके भी घरवाले उनकी
घर पर  राह देखते होंगे
फिर भी रोज वो आते हैं
बिना थके पढ़ाते हैं। ।
स्टूडेंट्स आये या ना आये
lectures  फिर भी लेते है
कभी सोचो हर एक मैडम
कितना काम करते हैं
बिना थके आपके लिए कितना sacrifise देती है…!!

देखो सारे जेंट्स   टीचर्स
 आपका  साथ देते हैं
हर फंक्शन में ,हर इवेंट में
यहाँ प्रेजेंट रहते हैं। ।
साईट हो या टूर विजिट हो
घर दार छोडके आते हैं
हर वक़्त आपकेखातिर
अपना समय यहाँ पर देते हैं

लेडीज हो या जेंट्स हो कोई
सारे टीचर ये चाहते हैं
सब बच्चे अछे से पास हो
तब वो खुश हो जाते हैं

एक टीचर एक inspiration हैं।
सच्चाई से देखो तो एक " न्यू विज़न" हैं
एक गुरु है ,
इंसान है
और हर institution की जान हैं
टीचर के बगैर जीवन
एक बंजर मैदान हैं.……….!!

टीचर को अगर जानना है ,तो
अपने आप को जानो
जो भी आज हो तुम वो उनकी देंन  मानो

फिर भी अगर कोई पूछे
की टीचर आखिर क्या होता है 
 कैसे समझे उसके ,उसका जीवन क्या होता है ?
क्या होता है उसका एम ?? क्या होता है उसका प्रेम ??

तो मैं इतना ही कहता हूँ ,दिल से सोचकर देखो ,
टीचर को समझना है तो , टीचर बनकर देखो
----------------------------------------------- ..........  written by HARSHAL DESHPANDE ..................................05/09/2013

Monday, September 2, 2013

 *****************   मैत्री *****************************

 एक स्नेहाचे नाते … एक पवित्र नाते… एक सुंदर नाते…. 
आपल्या मधे  फुलत जाते …। 
सांगता येत  नाही तरी नाजूकपणे घडत जाते
हीच सुंदर "मैत्री " अशीच 
काळजामध्ये जपून ठेव … 
प्रत्येक वेळी मनामध्ये हा धागा जपून ठेव… 
आयुष्याच्या वाटेवरती जेव्हा कधी उदास होशील …
नक्की सांगतो तुझ्यासाठी डोळे माझे भरून येतील
सुखात सगळेच असतील  सोबत …
पण दु:खात असशील एकाकी जेंव्हा …. 
तुझी साथ देण्यासाठी हात माझा असेल तेंव्हा…. !!
-------------------------------------------- written by HARSHAL 
 

Friday, August 9, 2013

तुला पाहता....!!!

तुला पाहता ,चंदेरी लाटा 
मनाच्या सागरी येतात आता …. 

तुझा तो भास…तुझा निश्वास 
आठवताना  बहरे  श्वास 
  
चंद्र चांदणे पसरे जणू 
प्रीतीत तुझ्या …
नाद मंजुळ …अजुनी वाजे 
तुझ्या स्वरांचा …। 

जसे शिंपले मोती भरले 
स्पर्श तुझे ते 
तसे उरले ……. 
 तुझ्या स्मितात लोपले 
मन 
तुझ्यासाठी हे सारे जीवन ……। 
---------------------------------हर्षल

Wednesday, July 24, 2013

आयुष्य !!!


भोवती अंधार भेसूर दाटताना पाहतो … 
आणि आशेचा  नवा मी सूर्य शोधू लागतो 

वासनांनी माजलेली माणसे दिसता कुठे 
धर्म उज्ज्वल शुद्ध माझा शोधण्यासी हिंडतो !!        

मानवाच्या अंतरातून भव्य ईश्वर राहतो …. 
मी तयाच्या साक्षीने आयुष्य चालत राहतो ….!

Tuesday, July 23, 2013

एकांतातून जगता जगता 
कधी उसळते मुशाफिरी …… 
 मनात  झरझर  अखंड झरती …।
नवस्वप्नांच्या धुंद सरी………

ह्या विश्वाची हजार रूपे 
बघता, जगता ती सारी 
तेंव्हा कळते ,केली आपण 
अस्सल ती दुनियादारी ……
---written by Harshal

Saturday, July 20, 2013

हे मातृभूमी तुजला मन वाहियेले 
वक्तृत्व वाग्विभवही तुज अर्पियेले। 

त्वत स्थंडीली ढकलली गृह वित्तमत्ता ।
दावानलात वहिनी- नव पुत्र कांता … 
त्वत स्थंडीली अतुल धैर्य वरिष्ठ बंधू … 
केला हवी परम कारुण पुण्यसिंधू …!!

दीप्तानलात नीज मातृ विमोचनार्थ - 
हा स्वार्थ जाळूनी आम्ही ठरीलो कृतार्थ !!

कि घेतले व्रत न हे आम्ही अंधतेने … 
लब्ध प्रकाश ईतिहास निसर्गमाने । 
जे दिव्या दाहक म्हणुनी असावयाचे 
बुद्ध्याची वाण  करी हे धरिले सतीचे ….!!

सरती सुखे नि दु:खे …. सुटतात संग सारे …. उरतात संगतीला गतकाळ वैभवांचे …। 
आयुष्य पुष्प जाते …हळुवार ते मिटूनी …… स्मृतींमधून उरती आनंद यौवनांचे …।...written by HARSHAL
meaning.." all of joy and sorrow diminish ..and everything belonging to us leaves us...
and what remains is the beutiful earnings in  Past......the flower of LIFE ..closes and dies slowly...
and left with us is the memories of young blossoming life..."......

Wednesday, June 19, 2013

ऐ जिंदगी .......

पता नहीं था ...तेरे खातिर … इतना आलम सहना होगा ..
अपनाही  ग़म ..आँखों देखा ..हँसते  हँसते सहना होगा ।

जगण्यासाठी


जगण्यासाठी प्यावे लागेल ,इतके  विष … 
….  माहित नव्हते … 
इतके वळतील रस्ते अवघड … 
खरच तेंव्हा ठाऊक नव्ह्ते…।

आकांक्षेंचे लांब तन्तू
नाजूक धरून जावे लागेल… 
 मधेच गेले जरी तुटून … 
जगणे वाहत न्यावेच लागेल… 

आशा सुंदर काचेसारखी… 
 मधेच जाता तडकून पार … 
उसासलेले काळीज घेऊन … 
नाही होता येत पसार… 

सगळे दु:ख हसत राहून 
पहावे  लागेल………। 
…………। माहित नव्ह्ते…।!!
 इतके वळतील रस्ते अवघड … 
खरच तेंव्हा ठाऊक नव्ह्ते…। .------------------------------------------------अपूर्ण … .लेखन---------- हर्षल

Sunday, June 16, 2013

वर्षारंभ


आता पुन्हा मेघांचे स्वर …. 
अस्मानातून घुमतील । 
सूर्य पुन्हा अखंड झाकून … 
पृथ्वीवर फिरतील … 

आता पुन्हा समुद्रांचे 
काळीज येईल भरून     
आता पुन्हा वादळांचे 
नाद येतील दुरून ।

तापलेले जमीन खंड 
थंड थंड होतील … 
उन्हाळलेले रानझरे..
पुर्नजन्म घेतील …. 

इंद्र वज्र उग्र पुन्हा
कडाडेल वरती
अंबरात जाळ उठे 
मेघ ते वितळती …. 

पुन्हा मत्त वायू भार 
घेउनी मृद-गंध सार 
उधळूनिया  दाही दिशी 
अवचित होतील पसार…

हरित रंग बहरतील 
इंद्रधनू उमलतील 
काळजात खोल नवे 
प्रीत श्वास जन्मतील … 

बरसता उधाण वृष्टी 
मेघ गर्जता वरि… 
थंड वात वाहताच … 
मुग्ध त्यावरी ….

पुन्हा सखे ,तुझ्या स्मृती 
मला  भारतील… 
तुझे  शब्द ,तुझे स्पर्श… 
पुन्हा जागतील …। 

------------------------------------------------------------ written by ....-- HARSHAL .-------------------------------------------

Saturday, May 25, 2013


वीर हो सदैव तुम धीर हो सदैव तुम

राष्ट्र का महान जय शौर्य धैर्य श्वास तुम…

विश्व मैं महान है भारतीय भूमिका

पवित्रता उसीकी हो विशेष भाग्यवान तुम

धर्म हो विचार हो घोरता पे वार हो

दंड हो प्रचंड हो सत्य का प्रकाश तुम

तेज सूर्य का भरो सत्य कृष्ण का स्मरो

अखंड हिंदभूमि का बनो सदा दिमाख तुम।